दोस्तों से बिछड़ के यह एहसास हुआ ग़ालिब,
क्योंकि हमारी दोस्ती की क़ैद में जमानत नहीं होती
जो कभी हमारी ताकत थे, आज वो सबसे कमजोर लगते हैं,
पक्का समझो मेकअप ठीक नहीं हुआ आज रात के।
हम तुझको खुदा का दिया हुआ ताबीज़ मानते हैं।
कभी तुझे कॉल कर के कहता हूँ, “यार तेरी याद आ रही है!”
जिगरी दोस्त, तू ही मेरी जिंदगी का सुकून है।
मैं हर दिन यही सोचता हूँ – “तू ही है मेरा यार!”
गहरी दोस्ती वो होती है जो बिना कहे दिल की बात समझ जाए,
कभी दोस्ती भी इतनी अनमोल होती है कि वो रिश्ते से भी बढ़कर होते हैं।
अक्सर प्यार में दोस्ती कम हो जाती है दोस्तों,
वो वक्त नहीं, वो दोस्ती की घड़ी होती है।
पक्की दोस्ती वह होती है, जो वक्त, दूरी और हालात के बावजूद कभी कमजोर नहीं पड़ती और हर मोड़ पर साथ खड़ी रहती है।
साथ चलने का Dosti Shayari एटीट्यूड और दिल से निभाने का अंदाज़ है।